आज युवक दिवस है और मुझे नहीं लगता की यह बात देश के हर युवक को मालूम होगी,यह दिवस स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है,जिन्होंने अपनी आस्था,निष्ठा से सारे संसार को चमत्कृत कर दिया था वे इस परंपरा के प्रति निधि थे वे दया,करूणा,मानव प्रेम,ब्रहमचर्य आदि मानवीय गुणों के मूर्तरूप थे और आज वर्तमान युग में शायद युवाओं में ये बात कही नहीं दिखती है!!आज का युवा भौतिक सुविधाओ का आदि हो चुका है उस पर पूरी तरह से पाश्चात्य संस्कृति हावी हो चुकी है उसे न समाज की चिंता रह गयी है ना ही संस्कृति की ! वह अपनी ही धुन में आगे बड़ा जा रहा है उसकी नजर न तो देश पर है ना ही समाज के लोगो पर,उसे चारो और मोह माया और भौतिकता नजर आ रही है वह हर काम एक पल में करना चाहता है, वह क्या कर रहा क्या नही और उसका अंजाम क्या होगा ये सब नहीं सोचता है और बस कर रहा और करता जा रहा है !
आज युवा को जरुरत है की वह अपने सिद्धांतो में बदलाव लाये और देश की व समाज की प्रगति पर ध्यान दे,समाज में फैले हुए अंध विश्वास व कुरूतियों को दूर कर एक जागरुक समाज की नींव रखे!!
आज का युवा यदि झूठ का सहारा,नशे का सेवन,भौतिकता का मौह त्याग दे तो वह देश को प्रगति के कदम पर युही लेकर आ जायेगा,देश को उन्नत बनाने के लिए हम सभी युवा को एक साथ आगे आना होगा और सामाजिक कल्याण के कार्यो में पूरी निष्ठा के साथ अपनी भागीदारी देनी होगी तभी देश का और समाज का उद्धार हो पायेगा !!
जिस युवा में जोश नहीं , उसमे खून नहीं वो पानी है
अगर देश के काम ना आये तो किस काम की ये जवानी है !!
accha prayas hai keep going on
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