आज कलयुग धीरे-धीरे महंगाई युग में तब्दील हो रहा है! जिस तरह से महंगाई अपने पैर पसार रही है समाज के सभी वर्गों पर बुरा असर हो रहा है,महंगाई कि ये पतंग आज इतनी ऊपर उड़ रही कि इसके पक्के मांजे को काटना मुश्किल हो रहा है, कब इस पतंग कि उड़ान थमेगी और लोगो को राहत मिलेगी ये कहना अभी बहुत मुश्किल है.!पिछले एक दशक में महंगाई कि दर बहुत ज्यादा बड़ी है !व्यक्ति के खाने से लेकर हर प्रकार कि वस्तुओं पर महंगाई का प्रभाब पड़ा है,सरकार कि समस्त प्रकार कि योजनायें इस मंगाई के आगे नतमस्तक हो गई है ! आये दिनों ईधन(डीजल,पेट्रोल,रसोई गैस) और समस्त खाद्य सामग्रीयो के दाम बढ रहे है और वही सरकार आश्वाशन दे रही है कि महंगाई कम होगी ! क्यों ये झूठा आश्वाशन जनता को राहत देता है,लगता है आज समाज ने परिस्थितियों से लड़ने कि वजाए उसमे ढलना सीख लिया है जो कि बहुत ही दयनीय है! आज देश में भ्रष्टाचार इतना बढ गया है कि उसको समाप्त करने में सरकार विफल होती नजर आ रही है,देश में हो रहे भ्रष्टाचार महंगाई का सबसे बड़ा कारण है!
देश कि सम्पूर्ण आर्थिक अर्थ व्यवस्था डगमगा गई है,सरकारी तंत्र विफल होते नजर आ रहे है,राजनेताओं के सम्पूर्ण शौक सरकारी खजानों से पूरे हो रहे है और यहाँ आमजन महंगाई कम होने कि ताक लगाये बैठा है जब तक देश में भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगेगी तब तक महंगाई का कम होना नामुमकिन सा है !
महंगाई से आज आमजन का बजट गड़बड़ा गया है चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो या अन्य क्षेत्र हर तरफ महंगाई कि मार है! आज क्रषि का क्षेत्र भी महंगाई से प्रभाबित है,ना तो अच्छे बीज मिल रहे है ना ही उच्च कोटि कि कीटनाशक दावा मुहैया हो पा रही है जिससे फसलो को खासा नुकसान हो रहा है,जिससे भारतीय अर्थ व्यवस्था प्रभाबित हो रही है!
जिस दिन से देश में भ्रष्टाचार का ग्राफ कम होने लगेगा,महंगाई दर कम हो जाएगी!!
लखपति हो गया करोडपति,गरीब हो गया बेघर
दिल कहता ऐ-खुदा अब लगाम लगा इस महंगाई पर!!
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