कब से कहने कि हिम्मत जुटा रहा हू कि, तुमसे मोहब्बत है कितनी,जाने आज ऐसा क्या हुआ है कि, दिल ने कहा कि कह ही डालू,
जब किताबों के पन्नो कि सफेदी तुम्हारे चेहरे पर चमकती है, दिल रुक सा जाता है,
जब हंसी कि एक ठंडी लहर मेरे कानो तक आती है, वक़्त थम सा जाता है ,
जाने आज ऐसा क्या हुआ कि , दिल ने कहा कह ही डालू कितनी मोहब्बत है तुमसे !!
wah wah...good kuldeep.come on, don't wait now, stand and speak....
ReplyDeletebadiya kavita likhi hai
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